Devotional


दुःख आपका सर्वश्रेष्ठ मित्र है

जो आपको ईश्वर की खोज करवाता है


या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः


दो शब्दों से शुरू होती है

दुःख से सुख की दूरी; वो है

श्रद्धा और सबुरी


परिवार का एक भी सदस्य

अगर भगवान की भक्ति से जुड़ जाये

तो उसका सकारात्मक असर

पूरे परिवार पर पड़ता है


काश हर सुबह नवरात्र की नवमी सी होती,

हर किसी की नज़र में बेटियां; देवी सी होती